क्या आपने आसमान में कभी लाल चाँद देखा है। क्या लाल चाँद ( Red Moon ) किसी घटना का संकेत है या कुछ और। एक वैज्ञानिक घटना या आध्यात्मिक संकेत।
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नमस्ते दोस्तों , आज हम बात करेंगे रेड मून की जिसे कुछ लोग ब्लड मून भी कहते है , खुनी चाँद। जब चाँद सफेद से अचानक लाल जाता है तो कुछ लोग डर जाते है तो कुछ लोग हैरान हो जाते है। आज हम आज इसे २ नजरियों से समझेंगे। एक वैज्ञानिक कारण और दूसरा आध्यात्मिक कारण।
वैज्ञानिक कारण Red Moon के
कल्पना कीजिये की आप पृथ्वी की ऑर्बिट से बाहर जा चुके है जंहा से सूर्य , पृथ्वी और चाँद को एक साथ देख रहे है। पृथ्वी पर रात हो चूँकि है। रात शांत है और बादल साफ़ है। पूरा चाँद पृथ्वी से आसानी से देखा सकता है। लेकिन आज खाश होने वाला है। पृथ्वी अपनी ऑर्बिट में आगे बढ़ रही है। चाँद भी अपनी यात्रा पर है।

सूर्य भी दूर से अपनी रोशनी फैला रहा है। ये सब आप अंतरिछ में आप देख रहे हो। तभी अचानक सूर्य , पृथ्वी और चाँद एक सीधी रेखा में आ जाते है। पृथ्वी बीच में आ गयी जैसे बड़ी सी गेंद। आप ये देख की अब पृथ्वी की छाया अब चाँद पर पड़ेगी और चाँद काला हो जायेगा। क्योंकि छाया का रंग काला होता है। पर हुआ कुछ और धीरे धीरे सफ़ेद से चाँद नारंगी होने लगा और कुछ देर में गाढ़ा लाल हो गया।
पर ऐसा क्यों हुआ ?
आप अभी भी अंतरिछ में है जंहा से आप ये सब होते देख रहे है। तब आपका ध्यान जाता है पृथ्वी पर। पृथ्वी केवल एक पत्थर का गोला नहीं है उसका एक खुद का वायुमंडल है। जब सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर पड़ती है तब पृथ्वी का वायुमंडल बाकी सब रौशनी को अवशोषित कर लेता है और लाल रोशनी वायुमंडल के चारो तरफ घूमती हुई चाँद पर पड़ती है। जिस वजह से चाँद लाल दिखने लगता है। वैज्ञानिक जिसे रायलीघ स्केटिंग कहते है। यही वजह है की सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य भी लाल दिखायी देता है।
तो आज के बाद चाँद लाल ( Red Moon ) दिखाई दे तो डरिये नहीं चाँद पर कोई जादू नहीं हुआ है। यह विज्ञानं की एक सुन्दर घटना है। तो अब आप अपने कल्पना से बाहर आइये और अब हम जानते है की वैज्ञानिक कारण के साथ साथ आध्यात्मिक कारण क्या है।
आध्यात्मिक कारण
आप एक बार एक बार फिर से कल्पना कीजिये की आप आज से हजारो साल पहले एक खेत में बैठे है। ना बिजली , ना मोबाइल, ना ही कोई वैज्ञानिक उपकरण। सिर्फ एक शांत रात और चमकता हुआ पूरा चाँद। अचानक चाँद का उजाला कम होने लगा। लोग आकाश में देखने लगे और बात करने लगे कि ये क्या होने लगा। और कुछ देर में चाँद लाल ( Red Moon ) हो गया। आप अभी वही हो जहा लोग इसे देख कर हैरान है और परेशान है।
फिर कुछ देर बाद एक बुजुर्ग काका एक पौराणिक कथा सुनते है। बात तब की जब देवतावों और असुरों में संधि हुआ समुंद्र मंथन के लिए। समुन्द्र मंथन सुरु हुआ और भगवान् विष्णु का कच्छप अवतार हुआ। समुन्द्र मंथन में सबसे पहले हलाहल विष निकला जिसे भगवान् शिव ने ग्रहन किया और नीलकंठ हो गया। और सबसे अंत में अमृत निकला तब देवताओ और अशुरों में झगड़ा शुरू हो गया की इसे कौन पियेगा। तब भगवान् विष्णु का मोहिनी का अवतार हुआ और उन्होंने देवताओ को अमृत पिलाया।
जब भगवान् मोहिनी देवताओ को अमृत पीला रहे थाई तब एक अशूर वेश बदल कर देवताओ वाली लाइन में लग गया और अमृत पिने लगा जिसे सूर्य और चन्द्रमा दे पहचान लिया। और भगवान् विष्णु को बता दिया और भगवान् विष्णु ने उसके गर्दन को काट दिए। जो आगे चलकर राहु और केतु हुए। कहा जाता है की आज भी ये दोनों सूर्य और चन्द्रमा से बदला लेते है। जब ये चाँद को पकड़ते है तब चाँद लाल हो जाता है।
हमें क्या करना चाहिए
अभी भी आप वही है और वही कथा सुन रहे है। काका बताते है इस दिन हमें भगवान् का नाम लेना चाहिए, ध्यान करना चाहिए, कथा सुनना चाहिए, क्योकि अगर कोई तकलीफ में हो तो उसका आनद नहीं लेना चाहिए।
तो अब आप कल्पना से बहार आइये और हमारा सपोर्ट कीजिये। अगर कहानी बताने का तरीका पसंद आया था लोगो के साथ शेयर कीजिये। विज्ञान हमें कारण देता है और आध्यात्म अनुभव। जब दोनों मिलते है तो समझदार बनती है
इस साल ३ मार्च को Red Moon दिखेगा तो उसे देख कर डरे नहीं उसकी सुंदरता का आनद लीजिए। और भगवान् से प्रार्थना कीजिये, ध्यान कीजिये, पूजा किये। वीडियो अच्छी लगी हो तो वीडियो लिखे कीजिये, चैनल सब्सक्राइब कीजिये और अपने दोस्तों और रिश्तो में शेयर कीजिये। मिलेंगे अगले वीडियो में। थैंक यू , धन्यवाद , राधे राधे।
